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GDP Full Form in Hindi

GDP Full Form in Hindi

Gross Domestic Product (ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट) सकल घरेलू उत्पाद -

जीडीपी किसी भी देश की अर्थव्यवस्था अर्थात आर्थिक सेहत को मापने का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना है।

हमारे देश भारत में प्रत्येक तीन महीने में GDP "सकल घरेलू उत्पाद" की गणना की जाती है। 

GDP सकल घरेलू उत्पाद किसे कहते हैं ?

एक निश्चित भौगोलिक सीमा के अंदर एक वित्तीय वर्ष में उत्पादित अंतिम वस्तु और सेवाओं का कुल मौद्रिक मूल्य को ही (ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट) सकल घरेलू उत्पाद की संज्ञा दी गयी है। 

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (Central Statistics Office) देशभर से उत्पादन और सेवाओं के आंकड़े जुटाता है फिर सकल घरेलू उत्पाद की गणना की जाती है। 

सकल घरेलू उत्पाद देश में रहने वाले विदेशी नागरिकों की आय को भी जोड़ता है लेकिन देश के नागरिक जो कि विदेश में रहकर पैसे कमाते हैं उनकी आय को इस गणना में शामिल नहीं किया जाता है। 

GDP को ज्ञात करने हेतु एक सूत्र (Formula) विकसित किया गया है जिसके उपयोग से आसानी से देश के GDP "सकल घरेलू उत्पाद" का पता लगाया जा सकता है जो कि निम्नलिखित हैं -

Forula of GDP

GDP = C + I + G+ (X – M)

जहाँ पर C का अर्थ Consumption (उपभोग) होता है। 

जहाँ पर I का अर्थ Investment (कुल निवेश) होता है। 

जहाँ पर G का अर्थ Government Spending (सरकारी खर्च) होता है। 

जहाँ पर X का अर्थ Export (निर्यात) होता है। 

जहाँ पर M का अर्थ Import (आयात) होता है। 

GDP Full Form in Hindi 

अर्थव्यवस्था में GDP सकल घरेलू उत्पाद के तीन प्रमुख क्षेत्रक या घटक (Sector) के रूप में बाँटा गया है -

1 - प्राथमिक क्षेत्रक (Primary Sector) -

इसे कृषि क्षेत्रक भी कहा जाता है। यह अर्थव्यवस्था का वह क्षेत्रक है जहाँ पर वस्तुओं का उत्पादन प्राकृतिक तरीके से होता है और इनका विनिर्माण नहीं होता है। 

जैसे- कृषि, पशुपालन, वानिकी, मछलीपालन, खनन-उत्खनन आदि हैं। 

GDP सकल घरेलू उत्पाद में वर्ष 2016-17 में (17%) का योगदान और वर्ष 2018-19 में (15.87%) का योगदान रहा है। 

2 - द्वितीयक क्षेत्रक (Secondary sector) - 

इसे औद्योगिक या विनिर्माण क्षेत्रक भी कहा जाता है। यह अर्थव्यवस्था का वह क्षेत्रक है जहाँ पर प्राथमिक क्षेत्रक के उत्पादों को विनिर्माण के द्वारा या मानवीय प्रक्रिया द्वारा मूल्य वर्धित किया जाता है। 

जैसे- जलपूर्ति, विद्युत और गैस, विनिर्माण आदि हैं। 

GDP सकल घरेलू उत्पाद में वर्ष 2016-17 में (32%) का योगदान और वर्ष 2018-19 में (29.73%) का योगदान रहा है। 

3 - तृतीयक क्षेत्रक (Tertiary Sector) - 

इसे सेवा क्षेत्रक भी कहा जाता है। यह अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रक है। यह अर्थव्यवस्था का वह क्षेत्रक है जहाँ पर प्राथमिक क्षेत्रक और द्वितीयक क्षेत्रक को अपने उत्पादन को बढ़ाने मदद करती है। देश के अर्थव्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करती है। 

जैसे- बैंकिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार, संचार, यातायात, लोकप्रसासन आदि हैं। 

इस क्षेत्रक का प्रतिनिधित्व संचार और यातायात परिवहन करता है। 

GDP सकल घरेलू उत्पाद में वर्ष 2016-17 में (51%) का योगदान और वर्ष 2018-19 में (54.40%) का योगदान रहा है।